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सोमवार, 5 जून 2023

सियाटिका (कमर से पैर तक आने वाली नस का दर्द) में हरिश्रृंगार (पारिजात) की पत्तियों का लाभ

हरिश्रृंगार (पारिजात अथवा सिहरुआ) नाम का एक पौधा होता है जिसमें विष्णु भगवान जी को चढ़ाने वाले फूल खिलते हैं। यह फूल सफेद रंग के होते हैं जो बीच में नारंगी रंग के होते हैं। यह फूल मुलायम होते हैं साथ ही बहुत ही खुश्बूदार भी होते हैं। इसके फूल अक्टूबर माह में खिलते हैं जिससे रात को बहुत ही अच्छी और मन को भाने वाली खुशबू आती है. सुबह लगभग 4 बजे यह फूल पेड़ से झड़ जाते हैं। दुनिया में यह अकेला फूल होता है जो धरती पर गिरा हुआ भी भगवान को अर्पित किया जा सकता है। इस झाड़ की पत्ती हल्की रोयेंदार, चौड़ी और गहरे हरे रंग की होती हैं.इनकी पत्तियों का काढ़ा निम्नलिखित प्रकार से तैयार कर सेवन किया जाता है, सर्दियों के मौसम (लगभग दीपावली के समय) से होली के पहले तक करने से सियाटिका (कमर से पैर तक होने वाला नस का दर्द) के दर्द में आराम मिल सकता है।


हरिश्रृंगार (पारिजात) की पत्तियों का  काढ़ा बनाने की विधि:

इस पौधे की 10 पत्तियाँ लेकर एक गिलास पानी में इतना उबालना है ताकि पानी आधा हो जाये। पानी को उबालने के बाद काढ़े को छान लें अब काढ़े में 4 से 5 केसर के धागे डालें, और वातावरण के तापमान तक ठंडा होने दें । 


काढ़े के सेवन की विधि:

पहले 15 दिन तक लगातार पियें । 

उसके बाद एक हफ्ते  का गैप दें ।

फिर  13 दिन तक लगातार पियें। फिर एक हफ्ते का गैप करें ।

इस तरह 11 दिन तक लगातार पियें फिर 1 हफ्ते का गैप करें ।

फिर 9 दिन पियें फिर 1 हफ्ते का गैप करें ।

फिर 7 दिन पियें फिर 1 हफ्ते का गैप करें ।

फिर 5 दिन  पियें फिर 1 हफ्ते का गैप करें ।

फिर 3 दिन पियें फिर 1 हफ्ते का गैप करें ।

अब इसे काढ़े को पीना बंद कर दें ।

इस कार्य को लगभग हर सर्दी में 3 साल तक करें ।


ध्यान दें:

1. ध्यान रखें रोज़ ताज़ा काढ़ा तैयार करें।

2. काढ़े को सामान्य वातावरण के तापमान तक ठंडा होने करने के बाद ही सेवन करें।

3. इस काढ़े का सेवन मात्र सर्दियों में करें, गर्मियों में नहीं क्योंकि इस रस की तासीर गर्म होती है ।

4. इस प्रक्रिया को अपनाने के पूर्व आयुर्वेदिक चिकित्सक अथवा प्राकृतिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। यह लेख मात्र सूचनार्थ है ।

5. इस काढ़े के सेवन से आर्थिराईटिस (जोड़ों के दर्द) के दर्द में भी आराम मिल सकता है। परिजात की कुछ  पत्तियों और अदरक के साथ तैयार काढ़े के सेवन से सूखे कफ और दमे में भी आराम मिल सकता है।   


फोटो के लिये धन्यवाद:  

herzindagi(dot)com

सादर

जय प्रियतम अवतार मेहेरबाबा जय जिनेंद्र सदा

Thank You for writing. Please keep in touch. Avtar Meher Baba Ki Jai Dr. Chandrajiit Singh